आजमगढ़:- पूरे देश में दशहरा का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। तो वही आजमगढ़ ज़िले में असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाने वाला दशहरा पर्व बड़े ही सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाया गया। ज़िले में अलग अलग स्थानों पर रावण के पुतले का दहन किया गया, तो वही छोटे छोटे बच्चे व बड़ो के द्वारा भी रावण का पुतला तैयार कर दशहरा पर दहन किया गया। जगह जगह मेले लगे हुए थे, तो वही बच्चे और महिलाओं ने भी जमकर खरीदारी भी की, साथ ही पंडालों में स्थापित माँ की मूर्तियां को देख कर भक्त बड़े प्रसन्न नज़र आये। कई स्थानों पर प्रभु श्रीराम की झांकिया भी निकाली गई। मुबारकपुर में दशहरे पर लगे हुए मेलों में जबरदस्त उत्साह नज़र आया। रावण का युद्ध देखने के लिए भारी संख्या में लोगो का हुजूम उमड़ पड़ा। दशहरा पर राम रावण की झांकी पूरे कस्बे में निकाली गई. वहीं झांकी भृमण के दौरान राम और रावण दल के बीच भयंकर युद्ध देखने को मिला और कार्यक्रम स्थल पर दोनों दल युद्ध करते हुए पहुंचे जहां जयकारों के बीच भगवान राम व रावण के बीच भयंकर युद्ध हुआ। भगवान राम द्वारा बार बार तीर चलाने के बाद भी जब रावण टस से मस नही हुआ तब विभीषण ने भगवान को बताया कि इसकी नाभि में अमृत है इतना सुनते ही भगवान राम ने रावण की नाभि पर तीर मारकर अहंकारी रूपी रावण को धराशाई कर दिया. उसके बाद रावण के पुतले को आग के हवाले कर दिया गया जिसमें लगी मनमोहक आतिशबाजी का लोगों ने आंनद उठाया. तो वही मेले में लगे हुए कई तरह के झूलो पर बच्चों ने बहुत ही आनंद लिया। वही जीयनपुर और जहानगंज कस्बे में भी मूर्तियों के दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ था। इस बार भी कोरोना का असर साफ़ दिखाई दिया। तो वही पैसे की किल्लत और महंगाई ने दशहरा पर्व को फीका कर दिया।

By ब्रिजेश यादव

सर्वोच्च दर्पण सहायक ब्यूरो चीफ आजमगढ़

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