संवाददाता जितेंद्र गुप्ता

गोरखपुर 23 नवंबर 2021 नैतिक व्यवहारिक सांस्कृतिक सामाजिक एवं प्राकृतिक सुंदरता के साथ भाव पक्ष के सुंदरता के आदर्श प्रतिमान कालिदास के ग्रंथों में प्राप्त होते हैं कालिदास ने सदाचरण के साथ कर्तव्य बोध एवं सम दृष्टि को ग्रहण कर सरवन को आत्मसात किया जो जनसाधारण के लिए सर्वकालिक ग्रहण उपरोक्त वक्तव्य मुख्यअभ्यागत डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी असिस्टेंट प्रोफेसर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर ने चंद्रकांति रामावती देवी आर्य महिला पीजी कॉलेज गोरखपुर में कालिदास जयंती के अवसर पर छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा की कालिदास ने अपने पात्रों के माध्यम से समाज में जागृति की अजय धारा प्रवाहित की है प्रबंधक डॉ. विजयलक्ष्मी मिश्रा ने कालिदास के कृतित्व एवं व्यक्ति पक्ष से छात्रों को पूर्ण परिचय कराया कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं कालिदास जी के छाया प्रति पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण से हुआ कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉक्टर अरुण मणि पांडे एवं आभार ज्ञापन डॉ.स्वप्निल पांडे ने किया इस अवसर पर डॉ. सुमन डॉ. पवन डॉ. रेखा रानी डॉ.शिवानी डॉ. प्रीति सुश्री अंकिता डॉ. धीरज शंकर थापा अधिवक्ता गण उपस्थित रहे!

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