ये शान है, ये मान है, वतन का ये सम्मान है,
चले वतन इसी से है, यही मेरा अभिमान है,
ये हमारा संविधान है।
उद्देशिका का मंत्र है, लोकतंत्र ये गणतंत्र है,
न्याय की ये नीति है, सम्पन्नता की रीति है।
अखंडता इसी से है, यही निरपेक्षता का मान है,
ये हमारा संविधान है।।
कानून की दलील है, स्वतंत्रता का ये मील है,
कर्तव्य है, अधिकार है, विचारों का अंबार है।
स्वराज भी इसी से है, इसी से वतन महान है,
ये हमारा संविधान है।
आप सभी देशवासियों को संविधान दिवस पर हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं ।

#अनिल चौधरी इटावा#

जय भीम जय भारत जय संविधान….📚

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