कुशीनगर में धारा 144 लागू

जनपद में 24 नवंबर तक धारा 144 लागू

अपर जिला मजिस्ट्रेट देवी दयाल वर्मा ने बताया कि दशहरा (विजयदशमी). ईद-ए-मिलाद / बारावफात, दीपावली. गोबर्धन पूजा, छठ पूजा कार्तिक पूर्णिमा, सम्भावित नगर निकाय चुनाव 2022 व विभिन्न प्रकार की परीक्षाएं व प्रतियोगी परिक्षा व अगामी त्यौहारों के दृष्टिगत लगने वाले भीड से शान्ति व्यवस्था / कानून व्यवस्था तथा लोक शान्ति भंग होने व परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत शान्तिपूर्ण संचालन हेतु परीक्षा केन्द्रों पर आवश्यकता पढ़ने पर उसके बाहर भी धारा-144 विस्तारित कर दी जायेगी। सुरक्षा से सम्बन्धित जो कठिनाई हो उसका निराकरण कर लिया जाय। उपरोक्त के दृष्टिगत सुरक्षा एवं शान्ति व्यवस्था कायम रखना आवश्यक है। इस संबंध निम्न प्रतिबन्धात्मक आदेश/निषेधाज्ञा पारित किया गया।

  1. कोई भी व्यक्ति राजमार्ग सड़क जाम नही करेगा तथा जनपद सीमा के अन्तर्गत कोई भी व्यापारिक प्रतिष्ठान / सार्वजनिक परिवहन / दुकानों / रिक्शा / टैक्सी आदि सामान्य परिवहन,
    को नही रोकेगा और न ही बन्द कराने का प्रयास करेगा।
  2. किसी भी स्थान पर पाँच से अधिक व्यक्ति एक साथ एकत्र नही होगे। यह आदेश कार्यालय
    रेलवे स्टेशन तथा बस स्टेशन पर लागू नहीं होगा। सक्षम अधिकारी के पूर्व अनुमति के बिना सभा, जुलूस, धरना प्रदर्शन का आयोजन नहीं किया जायेगा। किन्तु यह प्रतिबन्ध परम्परागत धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजनों पर लागू नहीं होगा।
  3. जनपद सीमा के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति लाठी डण्डा, बल्लम, फरसा, चारदार हथियार, आग्नेयास्त्र, सोडा वाटर की बोतले या अन्य किसी प्रकार की ऐसी वस्तु जिसका प्रयोग कर
    किसी को चोट पहुँचायी जा सके. लेकर नही चलेगा और नही कोई व्यक्ति किसी रेस्टोरेन्ट बार, छविगृहो शसकीय कार्यालय, सार्वजनिक स्थान पर किसी भी प्रकार का आग्नेयास्त्र आदि का प्रयोग / प्रदर्शन नहीं करेगा। किन्तु यह प्रतिबन्ध डियूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों / अधिकारियों एवं वृद्धों / विकलांगों पर लागू नहीं होगा।
  4. जनपद कुशीनगर सीमा क्षेत्र अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर आपत्तिजनक अश्लील साम्प्रदायिक अथवा शान्ति-व्यवस्था नुकसान पहुँचा सकने वाले नारे भाषण नहीं करेगा. इसी के साथ कोई भी व्यक्ति आडियो-विडियो / सोशल मीडिया पर ऐसा कोई सन्देश प्रसारित नही करेगा जिससे साम्प्रदायिक सद्भाव बाबित होने की संभावना हो तथा किसी व्यक्ति विशेष / समुदाय विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचे या राष्ट्रीय अखण्डता पर प्रतिकूल प्रभाव डालें या लोगों के बीच शत्रुता एवं बैमनस्यता की भावना उत्पन्न हो |
  5. किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे के मध्य नही किया जायेगा। प्रातः 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे के मध्य ध्वनि विस्तारक यंत्र
    का प्रयोग सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त करने के उपरान्त ही किया जायेगा।
  6. कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की अफवाह नही फैलायेगा और नहीं फैलाने का प्रयास
    करेगा जिससे की कोई समुदाय दिग्भ्रमित हो

7 धार्मिक पर्वों के समस्त कार्यक्रम पारम्परिक रूप से आयोजित किये जायेंगे कोई भी नई प्रथा या नये रूट का प्रयोग नहीं किया जायेगा।

  1. कोई भी व्यक्ति अपने घर के सामने, आगन, बरामदे छत पर दिवार पर किसी अन्य स्थान पर इद, गुम्मे, पत्थर, तेजाब फेंक कर मारे जाने या चोट पहुंचाये जाने वाली कोई भी वस्तु एकत्र नही करेगा।
  2. कोई भी व्यक्ति किसी कार्यक्रम / पर्व के आयोजन हेतु किसी भी व्यक्ति से जबरन चन्दा
    वसूल नही करेगा।
  3. कोई भी व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में किसी भी प्रकार के कार्य हेतु कटिया कनेक्सन के
    माध्यम से विद्युत आपूर्ति नही प्राप्त करेगा अपीतु विद्युत विभाग से नियमनुसार शुल्क जमा कर अस्थाई वैद्य कनेक्शन लेकर विद्युत आपूर्ति प्राप्त करेगा।
  4. किसी भी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, हुटर शायरन का प्रयोग वाहनो पर नही किया जायेगा और नही अपने वाहनों के शीशों पर काली फिल्म का प्रयोग किया जाएगा।
  5. कोई भी व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में अवैधानिक रूप से किसी व्यापारिक प्रतिष्ठान सरकारी व गैर सरकारी संस्था, स्कूल, कालेजो आदि को जबरदस्ती बन्द नहीं करवायेगा।
  6. कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई विवरण पत्रिका, पुस्तक अथवा ऐसा कोई लेख न तो प्रकाशित करेगा और नहीं प्रकाशित करवायेगा जिससे किसी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के वर्ग / समुदाय में घृणा द्वेष पैदा करने वाली भावना उत्पन्न हो।

अपर जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि कोई भी व्यक्ति उपरोक्त प्रतिबंधात्मक आदेश / निषेधाज्ञा का उलंघन करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध भादप संहिता की धारा 188 के अन्तर्गत कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। उपरोक्त आदेश तत्काल प्रभाव से दिनांक 24 नवम्बर 2022 तक प्रभावी रहेगा पा जब तक इसे वापस न ले लिया जाए। चूंकि समयाभाव के कारण सर्वसाधारण को सुनना संभव नहीं है अत उक्त आदेश एकपक्षीय रूप से तात्कालिक प्रभाव से लागू किया जाता है।

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